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Curated by: Guru And I (803 videos)
ॐ गुरु ऐसो जिया में समाय गयो रे, कि मैं तन मन की सुध बुध गँवा बैठी हर आहट पे समझी वो आय गयो रे, झट राहों में पलकें बिछा बैठी || गुरु ज्ञान की जब पुरवैया चली, तो विवेक की खुल गई खिड़कियाँ ऐसा अनुभव हुआ गुरु हृदय बसे, झट बाँहों के हार चढ़ा बैठी || मैंने गुरु रज से माँगा अपनी भरी, ‘श्रद्धा भक्ति से तन मन सजाया इस डर से माया की नज़र ना लगे, झट ज्ञान का कजरा लगा बैठी || -------------------------------------