Introduction to Probability & Statistics (in Hindi)

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Video Transcript

[संगीत] अभी हम जो अभी तक हमने जो देखा है वो हमने काफी सारे प्रोबेबिलिटी मॉडल्स देखे हैं। रैंडम वेरिएबल्स डिस्क्रीट कंटीन्यूअस उनके पीएमएफ उनके सीडीएफ उनके माध्य प्रसरण सह प्रसरण भी देखे हैं। अभी हम देखते हैं जब हमारे पास एक्चुअल आंकड़े आते हैं। कोई जांच कर रहे हैं सर्वे के थ्रू तो सैंपल ले रहे हैं। नमूना या प्रतिदर्श ले रहे हैं और उनके मेजरमेंट्स हमारे पास आते हैं। वो आंकड़े होते हैं। सो कंसीडर अ सैंपल अ नमूना ऑफ ऑब्जरर्वेशंस इन एनी रैंडम एक्सपेरिमेंट्स। यह रैंडम एक्सपेरिमेंट जो हमने अभी तक देखे उसमें से कोई भी हो सकता है या कोई अलग रैंडम एक्सपेरिमेंट भी हो सकता है। जैसे कि मान लें अ कि अगर हमारे पास हम एक कॉइन टॉस कर रहे हैं 10 बार और उसमें हम देखेंगे उन 10 कॉइन टॉसेस में कितने बार हेड्स आया या हम देखेंगे जैसे कि एग्जांपल काउंट नंबर ऑफ हेड्स इन 10 टॉसेस ऑफ अ कॉइन या अलग एक उदाहरण होगा चूज़ फाइव स्टूडेंट्स रैंडमली फ्रॉम अ क्लास और उनसे उनके गणित विषय के मार्क्स पता कर ले एंड गेट देयर मार्क्स इन मैथमेटिक्स। जो पिछला एग्जाम हुआ है मैथ्स का उसमें से उनके मार्क्स जान लें। तो समझ लीजिए अ ये जो पांच हमने स्टूडेंट्स रैंडमली चूज किए हैं उनके मार्क्स अगर हम पता करें तो हो सकता है उनके मार्क्स कुछ इस प्रकार से हो 71 53 92 81 या 87 लेकिन क्लास में तो काफी सारे बच्चे हैं। उसमें से इन पांचों को हमने रैंडमली चूज़ किया है और उनके मार्क्स पूछ पूछ लिए हैं। ये हो सकता है कि कोई और वहां पर आ जाए और वही रैंडम एक्सपेरिमेंट फिर एक बार दोहराए तो क्या एक्सपेरिमेंट है? फिर एक बार वो रैंडमली पांच स्टूडेंट्स को चूज़ करेंगे और उनके गणित के मार्क्स पता कर लेंगे। तो हो सकता है कि वो जो चार बच्चे दूसरे बार दूसरे एक्सपेरिमेंट के तहत और रादर उसी एक्सपेरिमेंट के दूसरे ट्रायल के तहत जो चयन किए गए हैं उनके मार्क्स है 90 63 72 79 77 तो जैसे हमने पहले बहुत बार ये देखा है ये रैंडम एक्सपेरिमेंट है तो उसके आउटकम्स अलग-अलग होंगे। हर एक बार वो एक्सपेरिमेंट परफॉर्म करेंगे तो उसके आउटकम्स अलग होंगे। उसीलिए हम बोलते हैं रैंडम एक्सपेरिमेंट। तो इस एग्जांपल में हर चयन जो है वो रैंडम है। उसके कारण उन उसके ऊपर जो मापन कर रहे हैं हम मेजरमेंट कर रहे हैं। इस एग्जांपल में क्या मेजरमेंट कर रहे हैं? उनके गणित के मार्क्स वो अलग-अलग आ जाता है। एक बार हमने ये एक्सपेरिमेंट परफॉर्म कर लिया तो हमारे पास ठीक-ठीक आंकड़े आ गए। पहले ट्रायल में आ गए यह पांच आंकड़े जो ब्लैक कलर से लिखे हैं और दूसरे ट्रायल में आ गए और पांच आंकड़े वो लाल कलर से लिखे हुए हैं। तो ये जो आंकड़े हैं जब हम एनालाइज कर रहे हैं स्टैटिस्टिक्स में तो हम एसेंशियली ऐसे लिखते हैं कि ये स्मॉल x1 x2 स्मॉल xn से हम दर्शाते हैं। n ऑब्जरर्वेशंस ऑफ द एक्सपेरिमेंट जब हमने ऑब्जर्व कर लिया है एक्चुअल तौर पे जैसे ऊपर एग्जांपल में लिखा था या इवन नोशनल तौर पे अगर हमने एक्चुअल ऑब्जरवेशन करने से पहले हम इस सिंबल से दर्शा सकते हैं। वो जो वैल्यूस हमें हम पाएंगे उसको हम दर्शाते हैं स्मॉल लेटर्स x1 x2 x10 सेकि ये रैंडम है और हम रैंडम वेरिएबल्स को दर्शाते हैं कैपिटल लेटर से तो हम ये जो चार सॉरी ये जो अ पॉसिबल ऑब्जरवेशंस हैं उनको हम कैपिटल x1 x2 xn से भी दर्शाते हैं। ये है रैंडम वेरिएबल्स इस दोनों में आप फर्क अ ठीक तरह से समझ लेना अभी ठीक है क्योंकि ये जो हम ऑब्जरवेशंस करते हैं x1 x1 x2 xn वगैरह वो रैंडम है वो अलग-अलग ट्रायल्स में अलग-अलग आ सकते हैं। देयर इज अनसर्टेनिटी और वो अनसर्टेनिटी को दर्शाने के लिए हम उनको तय करते हैं रैंडम वेरिएबल्स कैपिटल x1 x2 xn तो हम ये x1 x2 xn को मान सकते हैं कि ऑब्जरवेशन के बाद हमें जो वैल्यू्यूज मिल रहे हैं उनको हम दर्शा रहे हैं ये स्मॉल लेटर से और इस तरह के इवेंट्स तो हमने पहले देखे हुए हैं। अभी तक हम वही कर रहे थे। हम देख रहे थे क्या कि अगर रैंडम वेरिएबल x1 लेगा वैल्यू स्मॉल x1 रैंडम वेरिएबल x2 लेगा वैल्यू स्मॉल x2 वगैरह वगैरह वगैरह और रैंडम वेरिएबल xn लेगा वैल्यू स्मॉल xn तो इस तरह के इवेंट्स हमने पहले देखे हुए हैं और उन तरह उनके प्रोबेबिलिटीज वगैरह हमने देखे हैं। उनके एक्सपेक्टेशंस उनके अलग-अलग उसके ऊपर जो कैलकुलेशंस हम कर सकते हैं वो हमने देखे हैं। मैंने ये पांच स्टूडेंट्स का उदाहरण लिया है। उसी तरह से हम ये 10 टॉसेस ऑफ अ कॉइन का उदाहरण भी ले सकते हैं। और अगर पांच अलग-अलग लोग वही ट्रायल परफॉर्म करेंगे या तीन अलग-अलग लोग वही ट्रायल परफॉर्म करेंगे तो अलग-अलग उसके किसी के लिए पांच हेड्स आएंगे 10 में से किसी के लिए सात आएंगे किसी के लिए दो आएंगे और उसके बाद कोई तीन लोग अलग लोग फिर एक बार वही एक्सपेरिमेंट दोहराएंगे तो अलग चार पांच तीन ये अलग-अलग अलग उसके परिणाम उस एक्सपेरिमेंट के परिणाम अलग-अलग आ सकते हैं। तो ये ये भी है x1 x2 xn x1 x2 x3 और ये भी पॉसिबल वैल्यूस है x1 x2 x3 यह जो अनिश्चितता है उसको दर्शाने के लिए हम ये दोनों चीजें अब हम देखेंगे। हम कैपिटल x1 कैपिटल x2 कैपिटल xn से दर्शाएंगे रैंडम वेरिएबल्स और जब एक्चुअल ऑब्जरवेशंस समझ लीजिए आ गए हैं तो उनको हम दर्शाएंगे x1 x2 xn से। जब हमारे पास ये ऑब्जरर्वेशंस आ गए हैं तो उसके हम अलग-अलग [संगीत] डिफरेंट फंक्शनंस देख सकते हैं। सो जैसे कि समझ लीजिए हम सैंपल मीन को देख सकते हैं। अ सैंपल मीन हमारे पास अगर ऑब्जरवेशंस है x1 x2 xn तो हमारे पास एक नमूना है। सैंपल है साइज n का आकार n का एक नमूना है जो हमने पॉपुलेशन से लिया है। तो सैंपल मीन कैसे डिफाइन करते हैं? हम डिफाइन करते हैं x बार अह डिनोट करते हैं x बार से और उसकी परिभाषा है सिंपल एवरेज x1 + x2 + xn सभी जो n संख्याएं हैं उनको हम जोड़ लेंगे और उनको डिवाइड करेंगे जो सैंपल का साइज है n से। तो ये है परिभाषा सैंपल मीन की। तो यह जो उदाहरण हमने देखा है पहला वाला ये मैं लिख सकता हूं ये है सैंपल वन एक सैंपल आकार पांच का एक सैंपल और ये है सैंपल टू ये भी एक नमूना है आकार पांच का लेकिन लेकिन उसकी वैल्यूस वैल्यूस जो आंकड़े जो है वो अलग-अलग है। तो पहले नमूने के लिए सैंपल वन को हम अगर x बार कैलकुलेट करेंगे ये फार्मूला यूज़ करके। ये तो सिंपल एवरेज है। तो क्या करना है? 71 + 53 + 92 + 81 + 87 / 5 मैं जैसे कि ये हमेशा करते आ रहा हूं। ये पहली बार हम कर रहे हैं तो मैं ये पूरा का पूरा लिख रहा हूं। तो ये देखा है कि 76.8 आता है और सैंपल टू के लिए x बार आता है। इसी तरह से सभी पांच संख्याएं 90 63 72 79 77 को जोड़ देंगे और उससे उसको भागे भाग देंगे पांच से जो है सैंपल साइज और उसकी वैल्यू जो मैंने कैलकुलेट की है वो है 76.2 तो सिर्फ ये जो वैल्यूस x1 x2 xn है ये अलग-अलग हो सकती है। सिर्फ वही नहीं उसके कोई भी फंक्शन जैसे कि x बार वो भी अलग-अलग हो सकते हैं। तो ये जो सैंपल मीन है x बार वो भी उसमें भी अनसर्टेनिटी है। वो भी एक तरह से रैंडम है। और ये रैंडम ये चीज कि यह सैंपल मीन रैंडम है। यह दर्शाने के लिए हम कैपिटल x बार एक रैंडम वेरिएबल डिफाइन कर सकते हैं कि x1 + x2 + डॉट डॉट डॉट xn / n सो ये है सैंपल मीन और जैसे कि हमने उदाहरण में देखा अलग-अलग सैंपल के लिए इसकी वैल्यू्यूज अलग-अलग हो सकती है। तो यह रैंडम वेरिएबल ही है और क्योंकि यह रैंडम वेरिएबल है हम उनको कैपिटल लेटर से दर्शा रहे हैं। और इस तरह के फंक्शनंस सैंपल वैल्यूस के फंक्शनंस हमें हम स्टैटिस्टिक्स में काफी बार यूज करते हैं। तो मैं ये एक अ जनरल डेफिनेशन मैं लिखने वाला हूं। डेफिनेशन अ स्टैटिस्टिक इज एनी फंक्शन हुस वैल्यू कैन बी कैलकुलेटेड फ्रॉम सैंपल डाटा स्टैटिस्टिक ये स्पेलिंग मिस्टेक नहीं है। हम जो सब्जेक्ट पढ़ रहे हैं वो है स्टैटिस्टिक्स और स्टैटिस्टिक इज अ टर्म हम यूज़ करेंगे। ये एक फंक्शन है ऑफ सैंपल डेटा। अगर हम मैं आमतौर पर लिख लूं यह एक फंक्शन है सैंपल डेटा का जैसे कि अभी स्क्रीन पर आपको दिख रहा है x बार इज अ स्टैटिस्टिक क्योंकि ये फंक्शन है सैंपल x1 x2 xn का अगर हमें x1 x2 xn की वैल्यूस पता है तो हम इस स्टैटिस्टिक की वैल्यू कैलकुलेट कर सकते हैं। तो यह तो रैंडम वेरिएबल है और हमारे पास x बार अ जो रैंडम वेरिएबल है हम शायद स्टार्ट कर सकते हैं x1 x2 xn की बंटन या डिस्ट्रीब्यूशन से। सो क्या हम x बार का डिस्ट्रीब्यूशन भी कैलकुलेट कर सकते हैं? उसी तरह सिर्फ यही स्टैटिस्टिक नहीं है। हमारे पास अलग-अलग भिन्न-भिन्न स्टैटिस्टिक यूज़ हो सकते हैं। तो एग्जांपल्स एग्जांपल्स ऑफ स्टैटिस्टिक पहले तो हमने एक्स बार तो मैं फिर एक बार दोहरा दूं। लेकिन इस बार मैं संक्षिप्त रूप से लिख लूंगा। हम सभी x1, x2, xn को जोड़ ले जोड़ रहे हैं और डिवाइड करेंगे n से। तो ये तो कहलाता है सैंपल मीन। उसके साथ-साथ मैं लिखने वाला हूं। अगर हमारे पास ऑब्जरवेशंस है तो ये तो मैं लिख रहा हूं रैंडम वेरिएबल। ओके? तो यह डेफिनेशन यहां पर खत्म हो गया। यह है स्टैटिस्टिक। सॉरी ये लिख रहा हूं मैं स्टैटिस्टिक हर एग्जांपल के लिए। और यहां पे अ फॉर सैंपल अगर हमारे पास वैल्यू्यूज हैं x1, x2 डॉट डॉट डॉट xn तो हम कैलकुलेट कैसे करेंगे? x बार विल बी सम ऑफ द वैल्यूस डिवाइडेड बाय n उसी फार्मूला से कैलकुलेट करेंगे और ये जो स्टैटिस्टिक है सैंपल मीन उसके लिए इस उदाहरण में हमने ऑलरेडी देखा है अगर हमारे पास आंकड़े हैं जो काले कलर में लिखे हैं सैंपल वन तो x बार की वैल्यू अलग है एक 76.8 और सैंपल टू के लिए इसकी वैल्यू है 76.2 टू तो हम कैलकुलेट हमें हम करते करेंगे अभी तो ये x बार की वैल्यू अलग-अलग हो सकती है एज अ रैंडम वेरिएबल हम उसको दर्शाएंगे कैपिटल x बार से और एक रिलेटेड अ स्टैटिस्टिक है जो सिर्फ ये जो वैल्यूस है x1 x2 xn उसको जोड़ लेता है तो ये सैंपल मीन नहीं है इसको बोलते है सैंपल टोटल और इसकी कोई भी एक फिक्स सैंपल x1 x2 xn के लिए तो ये सिर्फ कैलकुलेट करेंगे x1 + x2 + xn और एक तीसरा महत्वपूर्ण स्टैटिस्टिक है। स्टैटिस्टिक क्या है? डेफिनेशन अभी आप देख रहे हो। इट्स अ फंक्शन ऑफ सैंपल डेटा। इट्स सम तो स्क्वायर भी है एक ऑब्जरवेशन। इसको पहले तो उसका फार्मूला लिखने से पहले मैं लिखूंगा ये है सैंपल वेरियंस। तो जैसे कि रैंडम वेरिएबल्स के लिए हम मीन ऑन वेरियंस निकालते हैं। उसी उसी अ के मद्देनजर हम सैंपल वेरियंस को परिभाषित करने जा रहे हैं। लेकिन इसमें पीएमएफ, पीडीएफ, सीडीएफ कुछ अपीयर नहीं करता है। क्योंकि ये सिर्फ फंक्शन होता है सैंपल ऑब्जरर्वेशंस का, सैंपल वैल्यूस का। इसका डेफिनेशन क्या है? कुछ उसी तरह से है जो स्केल अभी हमने जो वेरियंस वगैरह जो या मीन की परिभाषा देखी थी उसको हम आगे जाके कहेंगे पपुलेशन मीन और पपुलेशन वैरियंस। इसको हम कहते हैं सैंपल वैरियंस। अ उसकी परिभाषा कुछ उसी तरह से है। हम हर एक वैल्यू xi को देखेंगे। उसमें से क्या घटाएंगे? माध्य हटाते हैं पपुलेशन वेरियंस के लिए। यहां पर हम सैंपल मीन को सबट्रैक्ट करेंगे। ये जो डेविएशंस है उसको स्क्वायर करेंगे और उनका एवरेज लेंगे। थोड़ा सा फर्क है। अब हम डिवाइड बाय n नहीं करते हैं। हम डिवाइड करते हैं n - 1 से। उसके लिए कुछ विशिष्ट कारण है और उस किसी एक स्पेसिफिक सैंपल x1 x2 xn के लिए अ सैंपल वेरियंस की वैल्यू स्मॉल s² से दर्शाते हैं। और कैलकुलेट उसी तरह से करेंगे। xi - x² / n - 1 ये आप ध्यान रखें के डेफिनेशन में आता है n - 1 डिनोमिनेटर में अ इसको मैं ये जो ये तीन स्टैटिस्टिक हम ये प्रीलिमिनरी स्टैटिस्टिक है और इस कोर्स उसमें हम देखेंगे ये यूज करेंगे। इसके अलावा और अलग-अलग काफी सारे फंक्शनंस हम हम स्टैटिस्टिक्स सब्जेक्ट में यूज कर सकते हैं। हम अभी इन तीनों पे कंसंट्रेट कर रहे हैं। इन पर्टिकुलर मैं स्क्वायर पे कंसंट्रेट करता हूं। अ स्क्वायर जो जिसकी परिभाषा ऊपर है जब भी मैं कैपिटल लेटर लिख रहा हूं तो मैं उसको रैंडम वेरिएबल समझ रहा हूं। जब भी मैं स्मॉल लेटर से लिख रहा हूं तो मैं उसके वैल्यूस को समझ रहा हूं। नंबर्स समझ रहा हूं। तो जो डिनोमिनेटर सॉरी न्यूमैरटर है तो हम न्यूमैरेटर को अलग से लिखने वाले हैं। सो s²h जो सम ऑफ़ xi - x ² / n - 1 है। तो उसको मैंने लिख लिया sx / n - 1 तो काफी [संगीत] क्लियर है कि sx एक्स की परिभाषा क्या होगी? sx x की परिभाषा होगी xi - x बार² सम फ्रॉम i = 1 टू n और इसको मैंने इसलिए लिखा कि जैसे वेरियंस के लिए शॉर्टकट फार्मूला है उसी तरह से ये हम अगर एक्सपैंड करेंगे और x बार की परिभाषा यूज करेंगे तो हम देख सकते हैं कि इसको हम सिंपलीफाई करेंगे तो आता है सम ऑफ द स्क्वायर xi² माइनस सम xi स्क्वायर i = 1 टू nे / n जिसको मैं आगे जाके ये भी लिख सकता हूं सम ऑफ़ xi² माइनस सम xi / n तो है x बार लेकिन न्यूमैरेटर में स्क्वायर है डिनोमिनेटर में नहीं है। तो मैं दो सेकंड टर्म में n को न्यूमैरेटर और डिनोमिनेटर में मल्टीप्लाई करूं और सम ऑफ़ xi / n को x बार से दर्शित करूं तो आ जाता है n टाइम्स x ² तो मैं लिख सकता हूं देयर फॉर s² इज़ अ ये जो n - 1 डिनोमिनेटर में है मैं उसको अलग से लिखूं 1 / n - 1 टाइम्स सम ऑफ स्क्वायर्स ऑफ़ xi i = 1 टू n - nx बार होल स्क्वायर n nx बार तो ये एक अच्छा फार्मूला है स्क्वायर के लिए ये परिभाषा तो है ही जो मैं अंडरलाइन कर रहा हूं अभी और अगर हमारे पास कोई स्पेसिफिक वैल्यूज़ है x1, x2, xn के लिए? आल्सो स्मॉल स्क्वायर कैन बी रिटन एज sx sx / n - 1 और उसको हम उसी तरह से लिख सकते हैं सम ऑफ द स्क्वायर्स ऑफ़ xi - nx बार और फाइनली मैं यह भी एक रिलेटेड एक तरह से चौथा टेस्ट स्टैटिस्टिक है। एग्जांपल नंबर फोर स्टैंडर्ड डेविएशन सैंपल स्टैंडर्ड डेविएशन सैंपल स्टैंडर्ड डेविएशन नमूना मानक विचलन जो होगा जैसे कि पहले स्टैंडर्ड डेविएशन ऑफ वेरियंस के बीच जो संबंध है वही रहेगा इज इक्वल टू स्क्वायर रूट ऑफ s्व जिसको फॉर ऑब्वियस रीज़ हम s से भी दर्शा सकते हैं। और अगर हमारे पास सैंपल है x1 x2 xn तो अ सैंपल स्टैंडर्ड डेविएशन की वैल्यू होगी स्क्वायर रूट ऑफ स्मॉल s² वो है स्मॉल s तो इन तीन इस तरह के स्टैटिस्टिक्स के बारे में हम ज्यादा पढ़ने वाले हैं आगे जाके। थैंक यू। हम [संगीत]

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